Thursday, May 18, 2017

रेल मंत्री ने रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता से जुड़ी तीसरे पक्ष की लेखा रिपोर्ट जारी की

रेल मंत्री ने रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता से जुड़ी तीसरे पक्ष की लेखा रिपोर्ट जारी की 

ए1 श्रेणी के स्टेशनों में विशाखापट्टनम सबसे स्वच्छ स्टेशन,ए श्रेणी के स्वच्छ स्टेशनों में ब्यास स्टेशन का नाम दूसरे वर्ष भी सबसे ऊपर.दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का सबसे अधिक स्वच्छ ज़ोन बना.ए श्रेणी के स्टेशनों में खम्मन
स्टेशन पिछले वर्ष के 285वें स्थान से सीधा दूसरे स्थान पर पहुंचा   .केन्द्रीय रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता से जुड़ी तीसरे पक्ष की लेखा रिपोर्ट जारी की और स्वच्छ रेल परियोजना का उद्घाटन किया। आंध्र प्रदेश में विशाखापट्टनम और पंजाब में ब्यास ने क्रमशः ए1 और ए श्रेणी में देशभर के सबसे स्वच्छ स्टेशनों का स्थान हासिल किया। वहीं दूसरी ओर, ए श्रेणी के स्टेशनों में खम्मन स्टेशन पिछले वर्ष के 285वें स्थान से सीधा दूसरे स्थान पर पहुंच गया।

रेल राज्य मंत्री श्री राजेन गौहेन विशेषरूप से इस अवसर पर मौजूद थे। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री ए.के. मित्तल, रॉलिंग स्टॉक के सदस्य श्री रविन्द्र गुप्ता, रेलवे बोर्ड के अन्य सदस्य, भारतीय गुणवत्ता परिषद् के अध्यक्ष श्री आदिल ज़ैनुलभाई और कई वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर मौजूद थे। पर्यावरण और हाउसकीपिंग प्रबंधन सलाहकार श्री ए.के. तिवारी ने कार्यक्रम का आयोजन किया।

स्टेशन और रेलों की रैंकिंग, रैंकिंग के लिए अपनाई गई प्रणाली और स्टेशन/ट्रेन विशेष डैशबोर्ड को प्रदर्शित करने के लिए रेल मंत्री ने एक ‘एक स्वच्छ रेल पोर्टल’ देश को समर्पित किया। यात्री http://www.railswachh.in पर जाकर स्टेशनों एवं रेलों में स्वच्छता के बारे में अपना फीडबैक यहां दर्ज करा सकते हैं।

इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए, केन्द्रीय रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा कि भारतीय रेलवे ने स्टेशनों की स्वच्छता संबंधी रैंकिंग तय करने के लिए पिछले वर्ष तीसरे पक्ष के स्वच्छता सूचकांक की शुरुआत की थी। इसके चलते रेलवे ने स्टेशनों की सफाई में काफी अधिक सुधार किया है। इस सूचकांक ने स्टेशनों के बीच प्रतियोगी भावना भी पैदा की है। प्लेटफॉर्म पर स्वच्छता को लेकर सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों के साथ आने वाले आगंतुक हैं। रेलवे स्टेशनों पर आगंतुकों द्वारा बड़ी संख्या में शौचालयों आदि का भी उपयोग किया जाता है। हालांकि रेलवे को काफी आगे के बारे में सोचना है और तेज़ी से आगे बढ़ना है। रेलवे का ध्यान मुख्य रूप से प्लेटफॉर्म की स्वच्छता, डिब्बों की स्वच्छता और रेल डिब्बों में शौचालयों की स्वच्छता पर केन्द्रित है। रेलवे ने क्लीन माइ कोच सेवा की शुरुआत भी की है, जिसे यात्रियों का ज़बर्दस्त समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वह संबंधित राज्यों की नगर निगमों से आग्रह करते हैं कि वे आगे आएं और रेलवे ट्रैक के आस-पास के अतिक्रमण वाले क्षेत्रों में ट्रैकों को गंदा होने से बचाएं। उन्होंने कहा कि ए1 श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल कर विशाखापट्टनम स्वच्छता सूचकांक में विजेता बन गया है, जबकि ए श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल करने वाला ब्यास भी स्वच्छता सूचकांक में विजेता बना है। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी, वाराणसी, मुग़लसराय और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशनों ने स्वच्छता के मामले में काफी सुधार किया है। विभिन्न गैर सरकारी संगठनों, छात्रों के समूह आदि ने अपने-अपने शहरों में स्टेशनों को स्वच्छ बनाने में अहम योगदान दिया है। उन्होंने इस उपलब्धि को संबंधित क्षेत्र को लोगों को समर्पित करते हुए वहां की जनता को धन्यवाद दिया।

पृष्ठभूमि

      भारतीय रेलवे दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है, जिसके पास 66,000 किलोमीटर का रूट स्ट्रेच और 8000 से अधिक स्टेशन हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 02 अक्टूबर 2014 को ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की शुरुआत के परिणामस्वरूप भारतीय रेलवे ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती, ’02 अक्टूबर 2019’ तक स्वच्छ भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से ‘स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत अभियान’ की शुरुआत की।

      वर्ष 2015, 2016 एवं 2017 में पेश किए गए रेल बजट में रेलवे स्टेशनों को स्वच्छ बनाने के लिए कई नई पहल एवं उपायों की घोषणा की गई। इसी के तहत स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत अभियान की भी शुरुआत की गई। फरवरी 2016 के बजट में एक नई पहल के तहत रेलवे स्टेशनों की ए1 और ए श्रेणी के लिए नियमित आधार रैंकिंग कराने की बात कही गई। यात्रियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर तीसरे पक्ष के ऑडिट सूचकांक को इसके अंतर्गत तैयार कर स्टेशनों को रैंकिंग दी जाती है। रेल मंत्रालय (पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग प्रबंधन निदेशालय, रेलवे बोर्ड) ने बड़े रेलवे स्टेशनों पर यात्री फीडबैक सर्वेक्षण आयोजित किया। सर्वेक्षण का कार्य भारतीय रेलवे कैटरिंग और टूरिज़्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) को सौंपा गया था।

      आईआरसीटीसी द्वारा पहला सर्वेक्षण 2016 में किया गया। सर्वेक्षण के दौरान स्टेशनों पर स्वच्छता से जुड़े विभिन्न मापदंडों के आधार पर यात्रियों का साक्षात्कार किया गया और उसके आधार पर स्टेशनों पर रेटिंग दी गई। दूसरा सर्वेक्षण भारतीय गुणवत्ता परिषद् द्वारा आयोजित किया गया था। इसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर भारतीय रेलवे के 407 बड़े रेलवे स्टेशनों (75 ए1 श्रेणी के स्टेशन और 332 ए श्रेणी के स्टेशन) पर सर्वे किया।

      सर्वेक्षण के लिए अपनाए गए मापदंडों में शामिल हैं – पार्किंग में स्वच्छता, मुख्य प्रवेश क्षेत्र, मुख्य प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षा कक्ष की प्रक्रिया का मूल्यांकन (33.33 फीसदी), भारतीय गुणवत्ता परिषद् के निर्धारकों द्वारा प्रत्यक्ष अवलोकन (33.33 फीसदी) और यात्री फीडबैक (33.33 फीसदी) शामिल हैं। इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए एक 24x7 कंट्रोल कक्ष भी स्थापित किया गया था।

सर्वे एजेंसी द्वारा आगे की कार्रवाई करने के लिए रेलवे मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट में स्टेशनों पर स्वच्छता सर्वेक्षण और आकलन के आधार पर 407 बड़े रेलवे स्टेशनों को रैंकिंग दी गई है। भारतीय गुणवत्ता परिषद् द्वारा अंतिम रिपोर्ट जल्द ही मंत्रालय को सौंपे जाने की उम्मीद है।



रैंक

ए1 श्रेणी के स्टेशन (कुल 75 में से)

ए श्रेणी के स्टेशन (कुल 332 में ले)

रेलवे ज़ोन (कुल 16 में से)

1.   

विशाखापट्टन, पूर्व तटीय रेलवे, आंध्र प्रदेश

ब्यास, उत्तर रेलवे, पंजाब

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे

2.   

सिकंद्राबाद, दक्षिण मध्य रेलवे, तेलंगाना

खम्मम, दक्षिण मध्य रेलवे, तेलंगाना

पूर्व तटीय रेलवे

3.   

जम्मू तवी, उत्तर रेलवे, जम्मू-कश्मीर

अहमदनगर, मध्य रेलवे, महाराष्ट्र

मध्य रेलवे

4.   

विजयवाड़ा, दक्षिण मध्य रेलवे, आंध्र प्रदेश

दुर्गापुर, पूर्वी रेलवे, पश्चिम बंगाल

दक्षिण मध्य रेलवे

5.   

आनंद विहार टर्मिनल, उत्तर रेलवे, दिल्ली

मंचेरियल, दक्षिण मध्य रेलवे, तेलंगाना

पश्चिमी रेलवे

6.   

लखनऊ, उत्तर रेलवे, उत्तर प्रदेश

बाडनेरा, मध्य रेलवे, महाराष्ट्र

दक्षिण पश्चिम रेलवे

7.   

अहमदाबाद, पश्चिम रेलवे, गुजरात

रंग इया जंक्शन, उत्तर सीमा रेलवे, असम

उत्तर पूर्व रेलवे

8.   

जयपुर, उत्तर पश्चिम रेलवे, राजस्थान

वारंगल, दक्षिण पश्चिम रेलवे, तेलंगाना

उत्तर पश्चिम रेलवे

9.   

पुणे, मध्य रेलवे, महाराष्ट्र

दामोह, पश्चिम मध्य रेलवे, मध्य प्रदेश

दक्षिण रेलवे

10.  

बेंगलुरु सिटी, दक्षिण पश्चिम रेलवे, कर्णाटक

भुज, पश्चिम रेलवे, गुजरात

उत्तरी सीमा रेलवे
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