Friday, May 12, 2017

चीन की परियोजना 'सिल्क रूट' का नेपाल भी बना हिस्सा, बढ़ी भारत की चिंता

चीन की परियोजना 'सिल्क रूट' का नेपाल भी बना हिस्सा, बढ़ी भारत की चिंता

काठमांडू, प्रेट्र : चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना 'सिल्क रूट' का नेपाल भी हिस्सा बन गया है। एशिया, यूरोप और अफ्रीका के 65 देशों को जल और थल मार्ग से जोड़ने वाली यह परियोजना 'वन बेल्ट, वन रोड (ओबीओआर)' के नाम से भी जानी जाती है। इसमें शामिल होने के लिए शुक्रवार को नेपाल ने चीन के साथ समझौता किया। इससे नेपाल के परंपरागत आर्थिक और राजनीतिक साझेदार भारत की चिंताएं बढ़ सकती है।
चारों ओर से जमीन से घिरा नेपाल अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत पर निर्भर है। लेकिन, बीते कुछ सालों से हिमालयी देश में भारत के लिए चीन लगातार चुनौती पैदा करने की कोशिश कर रहा है। इस कड़ी में ओबीओआर में नेपाल का शामिल होना चीन की बड़ी कामयाबी है। समझौता रविवार से बीजिंग में ओबीओआर पर दो दिवसीय सम्मेलन शुरू होने से ठीक पहले हुआ है। सम्मेलन में 28 देशों के प्रमुख मौजूद होंगे। भारत की भागीदारी को लेकर स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
चीन ने बीते साल के अंत में ओबीओआर पर नेपाल को मसौदा प्रस्ताव भेजा था। एक महीने बाद नेपाल ने कुछ बदलाव के साथ इसे बीजिंग को वापस कर दिया था। समझौते ने काठमांडू से तिब्बत के ल्हासा तक रेल नेटवर्क समेत कई परियोजनाओं में चीन के भारी निवेश की राह खोल दी है।
काठमांडू के सिंह दरबार स्थित विदेश मंत्रालय के कार्यालय में नेपाल में चीन के राजदूत यू होंग और नेपाल के विदेश सचिव शंकर बैरागी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। नेपाल के उप प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री कृष्णा बहादुर म्हारा और विदेश मंत्री प्रकाश शरण महत भी मौजूद थे। महत ने इसे नेपाल-चीन के द्विपक्षीय रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षण बताया।
उन्होंने कहा कि सड़क और रेल संपर्क नेपाल के लिए महत्वपूर्ण हैं और हम इस क्षेत्र में निवेश चाहते हैं। यू ने कहा, व्यापक परामर्श, संयुक्त साझेदारी और साझा लाभ पर आधारित सिल्क रूट चीन-नेपाल सहयोग और दक्षिण एशिया में विकास के नए अवसर पैदा करेगा।
गुलाम कश्मीर से गुजरने वाला चीन-पाक आर्थिक गलियारा भी ओबीओआर का ही हिस्सा है। इस गलियारे का निर्माण भारत की आपत्तियों दरकिनार कर किया जा रहा है।
गौरतलब है कि ओबीओआर में शामिल देशों में चीन सड़कों, रेलमार्गो, बंदरगाहों और औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण में भारी निवेश करेगा। जानकारों का मानना है कि इसमें एक लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा का चीनी निवेश होगा।
चीन का कहना है कि वैश्विक स्तर पर संपर्क और व्यापार बढ़ाने के मकसद से वह दो हजार साल पुराने सिल्क मार्ग को फिर से जीवित करने का प्रयास कर रहा है। लेकिन, जानकार इसे अपनी राजनीतिक हैसियत बढ़ाने और जल मार्ग पर एकाधिकार कायम करने के चीनी प्रयास का हिस्सा मानते हैं।
www.kiranbookstore.com

http://kiranprakashan.blogspot.in/
http://spardhaparikshahelp.blogspot.in/
http://advocate-vakil.blogspot.in/
http://bankexamhelpdesk.blogspot.in/
http://kicaonline.blogspot.in/
http://previous-questionpapers.blogspot.in/
http://freecareerhelp.blogspot.com/
http://kiranworkfromhome.blogspot.in/
http://kp-ahmedabad.blogspot.in/
http://kp-pune.blogspot.in/
http://kirancompetitivecurrentevents.blogspot.in/
http://iwantgovernmentjob.blogspot.in/
http://staffselectioncommission.blogspot.in/
http://pradeepclasses.blogspot.in/
http://rajasthan-government-jobs.blogspot.in/
http://medical-government-jobs.blogspot.in/
http://it-government-jobs.blogspot.in/
http://engineering-government-jobs.blogspot.in/
http://mp-government-jobs.blogspot.com/
http://punjab-government-jobs.blogspot.in/
http://tamil-nadu-government-jobs.blogspot.in/
http://karnataka-government-jobs.blogspot.in/
http://up-government-jobs.blogspot.in/
http://west-bengal-government-jobs.blogspot.in/
http://central-government-jobs.blogspot.in/
http://bihar-government-jobs.blogspot.in/
http://gujarat-government-jobs.blogspot.com/
http://maharashtra-government-jobs.blogspot.in/
http://government-jobs-kiran.blogspot.in/
http://sarkari-naukri-kiran.blogspot.in/
http://competitiveexamhelp.blogspot.in/
http://kiraninstituteforcareerexcellence.blogspot.com/
http://mpschelp.blogspot.com/
http://competitivemaths.blogspot.in/
http://competitiveenglish.blogspot.in/
http://competitivecurrentaffair.blogspot.in/
http://reasoningexams.blogspot.in/
http://teacherexams.blogspot.in/
http://policeexams.blogspot.in/
http://railwayexams.blogspot.com/
http://competitivegeneralstudies.blogspot.in/
http://ksbms.blogspot.in/
http://kirancurrentaffairs.blogspot.in/
http://upscmpsc.blogspot.in/
http://www.kirannews.in/
http://www.pratiyogitakiranonline.com/
http://ap-andhrapradesh-jobs.blogspot.in/